जीवन का एक गहरा सत्य...
जब हम स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध होते हैं, तब यदि हम—
ध्यान के लिए समय नहीं निकालते,
सेवा के लिए हृदय नहीं खोलते,
दान के लिए हाथ नहीं बढ़ाते,
तो जीवन अक्सर हमें अस्पताल, अदालत, आर्थिक हानि या धोखे जैसे कठिन अनुभवों के माध्यम से इनकी कीमत का एहसास कराता है।
ध्यान मन की सुरक्षा है।
सेवा मानवता की अभिव्यक्ति है।
दान कृतज्ञता का उत्सव है।
— डॉ. सत्येन्द्र शुक्ला
संस्थापक – लम क्रिया ध्यान
India's Most Structured Self-Healing Meditation System

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